दिल से विकास के द्वार खोलने में सक्षम डॉ. रमन दर्शन

योजनाएं दिल से बनायी जाएं, तो अधिक प्रभावी होंगी: डॉ. रमन सिंह : मुख्यमंत्री ने सतत विकास लक्ष्यों पर केन्द्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन सत्र को संबोधित किया, सतत् विकास लक्ष्यों और प्रशासनिक सुधारों पर ‘नया रायपुर घोषणा पत्र’ को दिया गया अंतिम रूप

सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए फोकस एप्रोच अपनाने, मानव संसाधन और प्रशासनिक अधिकारियों की क्षमता विकास, ग्रामीण और शहरी निकायों को अधिक साधन सम्पन्न बनाने नागरिक सेवाओं में तकनीकी के बेहतर इस्तेमाल के महत्वपूर्ण सुझाव

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बतरस की कला ‘डींग’

डिंगई - लोकबाबू

सर्वाधिकार - लोकबाबू
प्रथम संस्करण - 2015

आवरण: कन्हैया

प्रकाशक एवं मुद्रण
वैभव प्रकाशन
अमीन पारा, पुरानी बस्ती,
रायपुर (छ.ग.)
फोन - 2262338

बतरस की कला ‘डींग’

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जैव विविधता छ.ग. के विशेष संदर्भ में

दुनिया में जो भी वस्तु दृष्टिगोचर हो रही है वह समयानुसार अपना परिवर्तित करती रहती है। इसी नियम का अनुसरण करते हुए सभी ग्रह नक्षत्र व जीव अपना जीवनकाल निर्वहन करते हैं।

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सर्वाधिक प्रभावकारी भौगोलिक पदार्थ तत्व जलवायु

जलवायु का कृषि पर प्रभाव - जीव व वनस्पति किसी भी चल व अचल पदार्थ पर अपना गहरा प्रभाव डालने वाला तत्व है जलवायु। भौगोलिक पदार्थ में सर्वाधिक प्रभाव कारी तत्व जलवायु है। दीर्घकालीन वायुमंडलीय घटनाओं को जलवायु की संज्ञा दी जाती है।
मौसम और ऋतु से मिलकर जलवायु का श्रृजन होता है। मौसम जलवायु की अल्पकालिक घटना है और जलवायु किसी स्थान की दीर्घकालिन वायुमंडलीय घटना है जिसका प्रभाव सभी पदार्थ पर पड़ता है।

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हिन्दी अध्ययन-अध्यापन की समस्यायें

वर्तमान में दुनिया वैश्वीकरण की चकाचौंध से दमक रही है। उसी चकाचौंध में मीडिया की ताकत और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के नाम पर एक प्रकार से हम सांस्कृतिक एवं भाषायी हमलों से घिरते जा रहे हैं। यह कहते हुए हमें संकोच नहीं होना चाहिए कि इन परिस्थितियों में हम कभी खुद को बचाते हुए रक्षात्मक मुद्रा में तो कभी उदारवादी विचारधारा को अपनाते हुए साहसिक मुद्रा में भी नजर आते हैं। सच क्या है? वस्तुस्थिति को निरपेक्ष भाव से समझना और बिना किसी लाग-लपेट के यथार्थ को स्वीकारना। यथार्थ का परिचय भी या तो अनुभवों से होता है, या जीवन अध्ययन से।

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संस्कृत के पश्चात हिन्दी भाषा को ही श्रेष्ठता मिली

महर्षि दयानंद सरस्वती, महात्मा गांधी, विनोबा भावे आदि उच्च विचारकों ने अपने विचारों को व्यक्त करने का साधन हिंदी भाषा को ही बनाया। जिसके परिणाम स्वरुप कई जन जागरण हुए। इतिहास इसका प्रमाण है।
'हिन्दी मय है देश हमारा,
इस पर निर्भर विकास हमारा।
पावन धरती को बोली हिन्दी
यह तो भारत माँ की बिंदी।Ó
हिन्दी हिंदुस्तान की जान है। आन, बान एवं पहचान है। इसमें देश का गौरव समाप्त है। खड़ी बोली हिंदी का प्रारंभ, शौरे सैने अपभ्रंश से हुआ। किंतु वास्तविक प्रारं्र 100 ई से माना जाता है। हिंदी के पौने दस सौ वर्षों को विद्वानों के द्वारा तीन भागों में बांटा गया।

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छत्तीसगढ़ी समाज पार्टी

भूमिका - छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण एक ऐतिहासिक घटना है। यह दो करोड़ से अधिक छत्तीसगढिय़ों के स्वप्न का यथार्थ स्वरूप है। इस राज्य निर्माण से बरसों का वह स्वप्न सच हुआ जिसमें हमने विकास और अपनी अस्मिता के लिए सुखद फल का अनुभव किया था। आज राज्य निर्माण को पंद्रह बरस हो चुके हैं, हमारा स्वप्न किस हद तक साकार हुआ है यह अलग बात है, और उसके लिए हमारा निरंतर संघर्ष भी जारी है। दूसरी ओर राज्य निर्माण का श्रेय लेने की होड़ भी आज तक मची हुई है। राज्य निर्माण के वास्तविक स्वप्नदृष्टा और उसे फलीभूत कराने वाले सेनापति से लेकर सिपाही कौन हैं, यह उन लोगों के लिए जिज्ञासा और अनुसंधान का विषय था जो सच को न

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इस माह 19 जून को पंडित माधव राव सप्रे की 144 वीं जयंती मनायी जा रही है

सप्रेजी तत्कालीन मध्य प्रांत के एक विशिष्ट नायक थे जिन्होंने राष्ट्र सेवा की शुरूआत साहित्य और पत्रकारिता से की थी और फिर वे राजनीति में भी सक्रिय हुए थे। शायद सक्रिय राजनीति सप्रेजी जैसे स्वतंत्रचेता व्यक्ति के लिए उपयुक्त जगह नहीं थी इसीलिए सप्रेजी पुनः साहित्य और पत्रकारिता के माध्यम से राष्ट्र की राजनीति को दिशा देने में संलग्न रहे थे।

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गुरु का मुक्का

प्रथा आधुनिक है। जब किसी से मिलो तो उसे अपने बारे में अनुमान लगाने का कष्ट मत दो। अपना नाम-धाम बताओ और सीधे काम में लग जाओ। व्यावहारिक दृष्टि से यह अच्छी आदत है लेकिन जीवन क्या व्यावहारिकता का पर्याय है?

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